बदायूं – दातागंज विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक सिनोद शाक्य उर्फ दीपू भैया के समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद बदायूं की सियासत में हलचल तेज हो गई है। भाजपा छोड़कर सपा में आए सिनोद शाक्य ने पार्टी में मान-सम्मान नहीं मिलने और उत्पीड़न होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि पीडीए को मजबूत करना और गरीबों, मजदूरों, किसानों व नौजवानों को न्याय दिलाना है।
सिनोद शाक्य ने कहा कि भाजपा छोड़ने पर कहा कि उन्हें मान-सम्मान नहीं मिला और उनका उत्पीड़न हो रहा था। उन्होंने कहा कि भाजपा क्यों छोड़नी पड़ी, यह भाजपा के नेता ही बेहतर बता सकते हैं। साथ ही कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने उन्होंने पीडीए को मजबूत करने की शपथ ली। शाक्य ने कहा कि विधानसभा का टिकट मिले या न मिले, उनका लक्ष्य पीडीए को मजबूत करना है। गरीबों, मजदूरों, किसानों और नौजवानों को न्याय दिलाना उनकी प्राथमिकता है। सपा में शामिल होने के बाद सिनोद शाक्य के आवास पर समर्थकों की भीड़ जुटी और उनका जोरदार स्वागत किया गया।
भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में नाम आने से चर्चा
सिनोद शाक्य के सपा में शामिल होने के बाद भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में उनका नाम आने की बात भी सामने आई थी। इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं। सिनोद शाक्य शाक्य ने इस पर कहा कि यह उनके साथ राजनैतिक साजिश भी हो सकती है, फिलहाल मैं अब सपा के साथ जुड़कर पीडीए का मजबूत करने के लिए एक सच्चे सिपाही की तरह काम करूंगा।

